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कांग्रेस से “आजाद” हुए गुलाम नबी, सोनिया गांधी को लिखे 4 पन्नों के खत में छलका दर्द…..पार्टी को बताया ‘अनुभवहीन चाटुकार नेताओं की मंडली’


कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. शीर्ष नेतृत्व को लिखे अपने तीखे पत्र में आजाद ने कांग्रेस को अनुभवहीन चाटुकार नेताओं की नई मंडली करार दिया है. पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेजे अपने त्यागपत्र में उन्होंने लिखा है, ‘भारत जोड़ी यात्रा शुरू करने से पहले नेतृत्व को कांग्रेस जोड़ो यात्रा करनी चाहिए थी.’ कांग्रेस को 2024 के आम चुनावों से पहले शायद सबसे बड़ा झटका देते हुए पार्टी के अनुभवी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद ने पूर्व पार्टी प्रमुख राहुल गांधी को पार्टी में ‘अपरिपक्वता और परामर्श तंत्र को ध्वस्त करने’ के लिए जिम्मेदार ठहराया.

कांग्रेस के असंतुष्ट समूह जी-23 के महत्वपूण सदस्य रहे आजाद, जिन्होंने 2020 में सोनिया गांधी को पत्र लिखकर संगठन के पूर्ण ओवरहाल और एक पूर्णकालिक और दृश्यमान नेतृत्व का आह्वान किया था, ने अपने त्याग पत्र में लिखा है, ‘सोनिया गांधी सिर्फ एक नाममात्र की शख्सियत थीं. सभी महत्वपूर्ण निर्णय राहुल गांधी द्वारा लिए जा रहे थे, बल्कि इससे भी बदतर कहें तो उनके सुरक्षा कर्मियों और निजी सचिव निर्णय ले रहे थे.’ गुलाम नबी आजाद ने राहुल गांधी पर आरोप लगाया है कि उन्होंने 2013 से पहले पार्टी में मौजूद पूरे सलाहकार तंत्र को ध्वस्त कर दिया. सभी वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं को किनारे लगा दिया और अनुभवहीन चापलूसों की नई मंडली ने पार्टी चलाना शुरू कर दिया.

कांग्रेस में संगठनात्मक चुनाव प्रक्रिया एक दिखावा और छलावा है: आजाद
स्वास्थ्य मुद्दों का हवाला देते हुए जम्मू-कश्मीर के संगठनात्मक पद से इस्तीफा देने के कुछ दिनों बाद आजाद ने 5 पन्नों के अपने त्याग पत्र में लिखा है, ‘कांग्रेस पार्टी की स्थिति अब ऐसे बिंदु पर पहुंच गई है, जहां से वापसी करना नामुमकिन है.’ उन्होंने लिखा है, ‘पूरी संगठनात्मक चुनाव प्रक्रिया एक दिखावा और छलावा है. देश में कहीं भी संगठन के किसी भी स्तर पर चुनाव नहीं हुए हैं. 24 अकबर रोड में बैठकर कांग्रेस पार्टी को चलाने वाली चाटुकार मंडली द्वारा तैयार की गई सूचियों पर हस्ताक्षर करने के लिए एआईसीसी के चुने हुए लेफ्टिनेंटों को सिर्फ मजबूर किया गया है.’

पार्टी पर एक गैर-गंभीर व्यक्ति को थोपने की कोशिश की जा रही: आजाद
आजाद ने यह त्यागपत्र उस समय लिखा है, जब यह बात सामने आई कि कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव फिर से स्थगित करने का फैसला लिया गया है, क्योंकि पार्टी के शीर्ष नेता भारत जोड़ी यात्रा पर ध्यान केंद्रित करना चाहते थे और साथ ही राहुल गांधी को पार्टी की बागडोर एक बार फिर अपने हाथों में लेने का एक आखिरी मौका देना चाहते थे. आजाद ने अपने त्यागपत्र में राहुल गांधी की सीधे जवाबदेही तय करते हुए लिखा है कि कांग्रेस ने राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा और राज्य स्तर पर क्षेत्रीय दलों के सामने हथियार डाल दिए हैं. उन्होंने लिखा है, यह सब इसलिए हुआ, क्योंकि पिछले 08 वर्षों में नेतृत्व ने पार्टी के शीर्ष पर एक गैर-गंभीर व्यक्ति को थोपने की कोशिश की है. उन्होंने कहा कि 2019 की चुनावी हार के बाद राहुल गांधी के अचानक पद छोड़ने के फैसले ने स्थिति को और खराब कर दिया है. आजाद ने लिखा है कि यूपीए को नष्ट करने वाला रिमोट कंट्रोल मॉडल कांग्रेस पर भी लागू हो गया है.

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